कड़े संघर्षो से मिली आजादी प्राणों की लगाई थी बाजी तिरंगे का भी मान बढ़ाया देश मे जमकर विकास कराया जहां सुई तक नही बनती थी वहां अंतरिक्ष तक विकास पहुंचाया जो मांग रहे है आज हिसाब वे सत्तर सालो तक दिखाई न दिए गुलामी में अंग्रेजो की खुशामन्द की […]

मैंने कब किसी से अदावत रखी है मेरे दिल मे तुम्हारी चाहत  रखी है फासले है तेरे मेरे दरमियाँ तो क्या दोस्ती मैंने अब तक सलामत रखी है दर्द ही दर्द  मुझको मिलते  रहे हैं मुस्कुराने की मैंने आदत रखी  है तुमको मंजिल मिले आसमां सी ऊँचाई मैंने नजरें करम […]

श्री राम भक्त है हनुमान शक्ति के पुंज हैं हनुमान । साहस,वीरता के प्रतीक आज भी चैतन्य हनुमान ।। हैं शिव अवतारी हनुमान लाल लंगोट धारी हनुमान । लाल रंग इनको मन भायें अंजलि  के लाल हनुमान ।। धीर ,वीर, गंभीर हनुमान भक्ति की व्याख्या हनुमान । सीताराम के अनन्य […]

दिल को अब, कैसे हम समझाए । वो मानता ही नही है। और न ही जनता है । बस नाम, तेरा ही लेता है, तेरा ही लेता है ।। यार करू तो क्या करूँ । जो अपनी दोस्ती, अमर हो जाये। कोई तो बात है, हम दोनों में । जो […]

वोट की गन्दी राजनीति से मर्यादा हो रही तार तार निर्वाचन आयोग चुप रहा सुप्रीम कोर्ट ने दी लताड़ यह देश नेहरू गांधी का है अतीत भूल गए है लोग जिन्होंने सर्वस्व बलिदान दिया उन्ही में खोट ढूंढ रहे लोग सिर्फ बोलने से राष्ट्र भक्ति सिद्ध नही हो जाती प्यारे […]

हर नामी में कुछ कमी तो रहेगी / आँखे थोड़ी सी शर्माती रहेंगी / जिंदगी को आप कितना भी सवारिये / बिना हमारे कोई न कोई कमी तो रहेगी // खाली हाथ आप आये थे संसार में हज़ूर / खाली हाथ आप जायेंगे संसार से जरूर / संसार में रहकर, […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।