श्रद्धाजंलि गढ़चिरौली में शहीद हुए सभी पोलिस के जवानों को नक्सलियों के हमलें में जो शहीद हुये ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ती प्रदान करें प्रस्तुत है मेरी यह कविता की  कायर नहीं हूँ माँ मैं बदला लेने आऊँगा अमर जवान हूँ मरता नहीं ये बतलाऊँगा घात लगा मारा कायर ने […]

    बिखरता रूप कण कण से, बिखरती फुलझड़ी जैसे। सुनहरी फ्रेम में एक मरकरी, मूरत जड़ी जैसे।। हुआ अहसास ऐसा, आज हमको रूप दर्शन पर। अचानक शुभ घड़ी में , लौट आए जिंदगी जैसे।।   दीप सी चमकती आभा से हिम-सी शीतलता हो जैसे चन्दन सा आकर्षण लेकर कुमकुम […]

फितरतें ही सब कहती है कुछ इंसान नहीं कहता है ये बाईबल या गुरुग्रंथ का ज्ञान नहीं कहता है यूं धर्मों के नाम पर हम खून के प्यासे हो जाएं ये गीता नहीं कहती ये कुरान नहीं कहता है धर्मों के नाम पर हम खेलें क्यों खेल खूनी बहनों को […]

हवा भी छू के जाये बेरुख़ी से गुज़रता हूँ मैं जब उसकी गली से है मेरी भूल कर बैठा मुहब्बत शिक़ायत क्या करूँ मैं अब किसी से सितारों की रिदा में छुप गयी वो कहा है चाँद ने क्या चाँदनी से लुटा बैठा हो जो दिल की ही दौलत डरेगा […]

मन की गति विचित्र      कोई ना मन का मित्र            मन है बड़ा चपल                  इसे तो संभालिये।।               मन है सबका राजा       रहता है सदा ताजा   […]

सूरज को खाइए,चाँद को पीजिए यह शिगूफा है,ध्यान  मत दीजिए अख़बार , टेलीविजन मसीहा नहीं कभी खुदसे खुद की खबर लीजिए जो भी मिलता है झूठ ही बोलता है इस दौर में किसपे भरोसा कीजिए #सलिल सरोज परिचय : सलिल सरोज जन्म: 3 मार्च,1987,बेगूसराय जिले के नौलागढ़ गाँव में(बिहार)। शिक्षा: आरंभिक […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।