जमदग्नि ऋषि हुए महान रेणुका ने जन्मा परशुराम । चहुंओर गाएं  मंगल गान धन्य हुआ जानापाव धाम ।। फूलों को दी इन्होंने खुशबू सह्स्त्रार्जुन को देकर मात । अधर्म धरा से मिटाने आएं साक्षात भगवान परशुराम ।। करें मानव सदा नेक काम इतिहास में अमर  हो नाम । प्राणियों को […]

मातृभाषा में करो, मन के व्यक्त विचार। मातृभाषा ही बने, सब सुख का आधार।। निज भाषा के मान से, है सबका सम्मान। भूलकर भी नहीं करो, तुम इसका अपमान।। मन की पीड़ा कह सको, नित अपनों के बीच। निजभाषा की धार से, वाणी को लो सींच।। हिंदी का नित मान […]

बुजुर्गों को उपेक्षा नही भरपूर सम्मान दीजिए उनका सहारा बनकर उन्हे प्यार दीजिए घर की शान है बुजुर्ग यह सोचना सदा तुम्हारी नीव है बुजुर्ग यह मानना सदा उनकी हर जरूरत का बस खयाल कीजिए उनको कुछ वक्त देकर उन्हें हंसा दीजिए एक वे ही है आपके जो चाहते है […]

न जाने किनका ख्याल आ गया रूखे-रौशन पे जमाल* आ गया जो झटक दिया इन जुल्फों को ज़माने भर का सवाल आ गया मैं मदहोश न हो जाती क्यों-कर खुशबू बिखेरता रूमाल आ गया मैं मिट जाऊँगी अपने दिलबर पे बदन तोड़ता जालिम साल आ गया मेरे हर अंग पे […]

दिन – रात  है  वो  साथ  मेरे, ना   पूछे  मुझसे  बात  कोई, मोह  जब  उससे  खत्म हुआ, तब   पूछे   मुझसे  हाल मेरा, तब रह जाता कोई अर्थ नही। जीवन के संघर्षों में ना किया कोई प्रयत्न उनसे लड़ने का, यूँ  ही  थककर  तू  बैठ गया, लूटने पर जब करता प्रयत्न […]

मेरे भी दिल मे अभी, उम्मीदे बहुत बाकी है। बस सभी का साथ चाहिए। पर्यावरण को बचाने के लिए । जिंदा दिल इंसानों का साथ चाहिए।। जो हर मोड़ पर साथ दे, इसे बचने के लिए।। तप्ती हुई इस धूप में, शीतल सी छाया चाहिए। जो हाल गर्मी से हो […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।