तुम मेरे जीवन के नौका की खेवनहार हो, तुम ही मेरा रब हो और जीने का आधार हो, तुम ही मेरा जग हो और तुम ही सच्चा प्यार हो, माँ तुमने जब भी मुझको अपने सीने से लगाया है, अद्भुत,अप्रतिम,वो पल मैनें आज भी नही भुलाया है, उँगली पकड़ के […]
*जीवन के इस अध्याय में,* अल्पविराम सी बाधाएँ कई, मत सपनो को तू विराम दे, कैसे भी उनको पूरा करना है, करता चल नित प्रयत्न यूँ ही। *जीवन के इस अध्याय मे,* प्रताड़ित करते शब्दो की आएंगी नित पीड़ाएँ दर्द भरी, मत घबरा तू पीड़ाओं से, करता चल नित प्रयत्न […]
वो मेंहदी वाले हाथ तेरे,, वो दबे हुए जज्बात़ मेरे,, वो गोरे हाथो पर चुम्बन,, जैसे हवन कुण्ड के सात फेरे,, वो मेहंदी की सुर्ख लालीयां,, उसके कानो की बालीयां,, देखके ” राणा ” ने गाया है,, सब माया है,, सब माया है,, सचिन राणा हीरो Post Views: 50
तापस ऋषि सब तप करें,दम सम सह मन गोय। इस गर्मी में जल बिना,वे अति व्याकुल होंय।। स्वप्न पाल बैठी सिया,मन ही मन हर्षित होय। देख परशुराम का क्रोध,मन आशंकित होय।। मन मयूरी पंख संग,देखे कमल नयन जौहरी ताके बाट अब,गहना गुडिया के संग। ————– युद्ध —– खीचकर तलवार चलाया […]
बदजबानी घातक हुई मर्यादा हुई तार तार कैसा है ये लोकतंत्र नेताओं को नही लाज स्वयं को नुमाइंदा बताते जो देश के आवाम का उन्ही की जबान फिसल रही नही ख्याल रहा संविधान का वोट से पहले देश जरूरी स्वार्थ से पहले विकास जरूरी कुछ तो रहम करो नेताओ ध्यान […]
patel बेटी बचाओ, बेटी, बेटी बढ़ाओ बेटियों को देश में आगे बढ़ाओ एक नया इतिहास रचाओ और प्यारी बेटियों को बचाओ बेटी पिता की शान है पिता के ह्रदय की जान हे बेटियाँ थकी वंश हे बढ़ता कुम कुम पगले आंगन में पड़ते भारत की वो बहादुर बेटी थी वो […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।