किसी के निगाहों की तानाशाही तो नहीं ज़माना आदतन जिसे मोहब्बत कहता है सही कहने को कहे और सही कह दें गर फिर तो बुरी है हमारी शोहबत कहता है अपने चाँद को देखा न आसमाँ के चाँद को ऐसी होती है ईद कौन सी इबादत कहता है किसी की […]
हुये विपक्षी ढेर सभी और हारें सारे दल, देखों फिर से मोदी आया फिर से खिला कमल, ‘चौकीदार चोर है’ जो कहते थे गिरे घुटनों के बल, अब दिल्ली के सिंहासन पर फिर मोदी और कमल, #शिवांकित तिवारी ‘शिवा’ परिचय–शिवांकित तिवारी का उपनाम ‘शिवा’ है। जन्म तारीख १ जनवरी १९९९ […]
जब लगातार नेतृत्व की अस्वीकार्यता उभर कर आ रही हो, जब सम्पूर्ण राजनैतिक हलके में साख गिरती नज़र आ रही हो, जब परिवार के कारण पार्टी की फजीहत हो रही हो, जब संगठन की विफलता मुँह बाहे खड़ी हो, जब सार्वभौमिक रूप से नकारा जा रहा हो, जब अपने ही […]
आज पानी के न आने से परेशान जनता को जब अपनी आँखों के सामने देखा तो लगा कि शायद अब ये कहना ज़रूरी है – पानी बिन जीवन नहीं, यह जीवन आधार । फिर भी क्यों समझे नहीं, जनता जल का सार ॥ जनता जल का सार, मान ले जल्दी […]
जन-मानस के पटल पर राष्ट्रवाद छा गया नये भारत के सपनो को पूरा करने आ गया। ————————- वोट की चोट से आत्मबल और जोश से चमक रहा भारतवर्ष विश्व पटल पर छा गया। —————————— राष्ट्रभक्त है फैले यहाँ आतंक परास्त हुआ कड़वे बोल बोलने वालो का जमानत भी जब्त हुआ। […]
अंतरात्मा जो कहे वही कीजिए काम सबसे बड़ा जज वही वही बसे है राम अंतरात्मा में झांककर पहचान लीजिए स्वयं को सबसे बड़ा दर्पण वही वही बसे है चारो धाम माता पिता लौकिक जिनके खुश रहते सुबह शाम अलौकिक पिता परमात्मा बनाते उनको ही महान। #श्रीगोपाल नारसन परिचय: गोपाल नारसन की […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।