भीड मे अब इंसान नही मिलता लोगो मे स्वाभिमान नही मिलता. मायूस लौटती है सदाये वहां से भी मंदीरो मे भगवान नही मिलता. कई परिंदे आज भी यहां ऐसे है जिन्हे उडने आसमान नही मिलता. साहबजादो के चार-छः बंगले है मजदुरो को रहने मकान नही मिलता. सरकारे बदली है पर […]

सत्ता ताकत से टले हुए है रुड़की नगर निगम चुनाव कौन बाहर रहे ,कौन शामिल हो विवादित बन गए बेचारे गांव न्यायालय से भी पड़ चुकी है सरकार को अनेक  फटकार कभी हाई कोर्ट, कभी सुप्रीम कोर्ट भटक रही है अपनी सरकार अच्छा होता समय पर ही हो जाते नगर […]

राजा तेरे राज में यह कैसी हाहाकार है, प्रजा को न्याय नहीं तेरी यह कैसी सरकार है, बेटियों की इज्जतें क्यों रुसवा हो रही, अस्मते है लूट रही क्यों बेटियां है रो रही, आंसू पोछने वालों से ही क्यों मिली दुत्कार है, राजा तेरे राज में यह कैसी हाहाकार है, […]

हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली | कुछ सुनेहरी यादे,मेरे संग पाँव पाँव चली || सफर धूप का किया,तो ये तजुर्बा हुआ | वो जिन्दगी ही क्या,जो छाँव छाँव चली || पता है सबको,जो पांड्वो का हश्र जुए में हुआ | द्रोपदी की इज्जत,भरे दरबार में दाँव दाँव चली […]

सावन मन भावन लगे, भक्ति शक्ति  संगीत। सत्यम शिवम् विराजते, पावन सावन प्रीत।। पावन  सावन  प्रीत, चढ़े झूले  पर सखियाँ। तकती है मनमीत,बरसती  सावन अँखियाँ।। शर्मा  बाबू  लाल, नहीं  हो  भाव  अपावन। भक्ति  प्रीत संजोग, लुभाए   पावन सावन।। .              ….…. हर हर बम बम […]

विधान~ [{मगण भगण नगण तगण तगण+22} ( 222  211  111  221  221 22) 17 वर्ण, यति 4, 6,7 वर्णों पर, 4 चरण [दो-दो चरण समतुकांत] माया रानी , मृदुल रजनी , नींद विश्रान्ति लाई ! आँखें चाहे, सघन रस की, कोख उद्भ्रांति छाई! डूबी काया , अथक गहरी , पीर […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।