मिली है मुझको, अभी हाल में खुशी। कैसे में बताऊँ, अपने मित्रों को। मुझे क्या मिल गया हैं, अपने जिंदगी में। मेरा विछाड़ा हुआ मित्र, आज मिल गया मुझको।। देखा करते थे सपने, हम दोनों मिलकर। छुएंगे आसमान को, हम दोनों मिलकर। पर सपना तब टूट गया, जब हम दोनों […]

दोहा👇 गुरु चरणों में है नमन, वंदन श्री भगवान। शारद माँ रखना कृपा, करूँ कृष्ण गुणगान।। चौ.👇 कृष्ण अष्टमी भादौ मासे। प्राकृत जीव वन्य मनु हासे।। जन्मत मिटे मात पितु बंधन। प्रकटे निशा देवकी नंदन ।।१ लिए छबरिया मे शिशु सिर धर। चले निहंग बदन पद पथ पर।। मेह रात्रि […]

जो चेहरा छाया है स्मृति में उसे तो अग्नि में छोड़ आए भस्म हो जाने के लिए देह से राख हो जाने के लिए यह वही देह थी जिसे प्यार करते रहे हम तब तक जब तक उसमे वह आत्मा बसी थी वह आत्मा ही तो पावन थी देवत्व जैसी […]

सावन मास पुनीत सुहावे। मोर पपीहा दादुर गावे।। श्याम घटा नभ में घिर आती। रिमझिम रिमझिम वर्षा भाती।।१ आक विल्व जल कनक चढ़ाकर। शिव अभिषेक करे जन आकर।। झूले पींग चढ़े सुकुमारी। याद रहे मन कृष्ण मुरारी।।२ हर्षित कृषक खेत लख फसले। उपवन फूल पौध मय गमले।। नाग पंचमी पर्व […]

जो तुम चाहते हो बस वही मान लेते हैं झूठ को सच,सच को झूठ जान लेते हैं अब तक अक्सों में ढूँढते रहे इक दूजे को चलो आज हम खुद को पहचान लेते हैं तिनका तिनका जोड़ के आशिया बनाएँ थोड़ा सा ज़मीन,थोड़ा आसमान लेते हैं माँगों में सजे तुम्हारे […]

कान्हा के आने की आहट होने लगी भादो की अष्टमी जो पास आने लगी मंदिरों को तेजी से सजाया जा रहा है पालने में झूलने को लड्डू गोपाल आ रहा है घर घर मे मिठाईयां दूध और मलाइयाँ उपवास की तैयारियां कान्हा जन्म की झांकियां बनाई जाने लगी हर शहर,गांव,बस्ती […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।