आओ मिलकर दीप सजाएँ जगमग जगमग ज्योति जलाएँ दानवता को दूर भगाकर मानवता की कली खिलाकर वर्षों बाद पुरुषोत्तम आए आओ मिलकर दीप सजाएँ जगमग जगमग ज्योति जलाएँ एक दूजे को गले लगाकर भाईचारा का भाव जगाकर ख़ुशी -ख़ुशी से नाचे गाएँ आओ मिलकर दीप सजाएँ जगमग जगमग ज्योति जलाएँ […]

चाचा प्यारें कलाम तुम्हें हजारों सलाम । नवभारत के निर्माता किया जगत में नाम ।। अग्नि ,आकाश , त्रिशूल से देश का बढाया मान । कभी वैज्ञानिक तो कभी टीचर बनकर दिया ज्ञान ।। ज्ञान-विज्ञान के थे पंडित जन – जन के थे मीत। राष्ट्र सेवा का संदेश देकर कहा […]

नहीं मिलती कहीं से अब तो ख़बर तेरी । तेरी मोहब्बत के सफ़र में है ज़िन्दगी मेरी ।। चाहतें दिल की ये अरमान तेरे लिए हैं ।।। ख़ुद में खुद को ढूंढ रही ज़िन्दगी मेरी ।।।। अहसास बेज़ुबान होते हैं दिल के यारा । उसकी नज़रों में जगह ढूंढ रही […]

दिल को जब बात और लगेगी तब उधर भी रात और लगेगी तुम समझते रहे बस खेल जिसे वो सारी मुलाक़ात और लगेगी मुकम्मल होगी गर तेरी कोशिश तो मेरी भी शुरुआत और लगेगी चाँदनी मुखड़े से होती मीठी बातें तो सारी बिखरी खैरात और लगेगी रख दो जो जुल्फों […]

मेरे हिन्दोस्तां पर लिखने बैठी, बता कौनसी कहानी लिखदूँ! खून की जो होली खेल रहा, उस फौजी की कुर्बानी लिखदूँ!! पल पल रंग बदलते नेता, उनकी रंगीन गिरेबानी लिखदूँ! खुद भूखा सबका पेट भरे, किसान की मेहरबानी लिखदूँ!! नोंच खाये जो औरत जात को, उन मर्दों की हैवानी लिखदूँ! कच्ची […]

सोच सोच कर में, यहां आ गया। पर मिला न चैन मुझे यहां पर। कैसे कह दू कि में खुश हूँ नही। क्योकि बिना सोचे समझे, निकले थे जो हम।। कैसे मिलेंगी हमे अपनी मंजिल। काम करता बहुत दिन रात में। जैसा फल में चाहू वैसा मिलता ही नही। इसलिए […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।