जन्म की भाषा हिंदी का एक अनूठा मंदिर है प्यारे विदर्भ की धरती वर्धा में हिंदी के प्रशंसक है सारे महात्मा गांधी के नाम पर हिंदी का मंदिर बनवाया है सवा सौ एकड़ भूमि पर हिंदी साम्राज्य सजाया है साहित्य विभूतियों की यादें ताजा हमेशा रहती यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर […]

धनिया के साथे धान काटें रोज सँइया जी। चढते कुआर काहें डाँटे रोज सँइया जी।। कमर लचकावत खेत्ते जाली लेके हँसिया। बात कहें साँचे सुनील चौरसिया।। केहू बोवे गेहूँ , केहू चूसे रस – गनवा। हरिहर -पिअर खेत देखि गाना गावे मनवा।। कान्हे पे कुदारी सोभे , हाथे मे गङसिया। […]

सुनो ईश्वर यही विनती, यही अरमान परमात्मा। मनुजता भाव मुझ में हों, बनूँ मानव सुजन आत्मा। . ✨✨✨ रहूँ पथ सत्य पर चलता, सदा आतम उजाले हो। करूँ इंसान की सेवा, इरादे भी निराले हो। . ✨✨✨ गरीबों को सतत ऊँचा, उठाकर मान दे देना। यतीमों की करो रक्षा, भले […]

कवि हो ना तूम तो लिखो ना देश की व्यथा जुल्मों की कथा मंदी की मार खत्म होते रोजगार गरीबी की कहानी बाढ का पानी हिंसा की घटनाएं दलितों पर यात्नाएं धर्म के नाम अधर्म संतों के नीच कर्म बच्ची से बलात्कार इंसाफ की चीख पुकार शिक्षा का होता धंधा […]

मापनी मुक्त सम मात्रिक छंद है यह। १६,९ मात्रा पर यति अनिवार्य चरणांत २१२ दो चरण सम तुकांत,चार चरण का छंद {सुविधा हेतु चौपाई+नौ मात्रा(तुकांत२१२)} . शरद पूनम . 🌕 सागर मंथन अमरित पाकर,विषघट त्यागते। अमर हुये सब देव दिवाकर, शिव घट धारते। सूरज देता दिवस उजाला, ऊर्जा जानिये। चंद्र […]

दिल से प्यार करोगे तो ही प्यार मिलेगा। दिल मे अगर प्यार हो तो दिल खिलेगा। भले ही दूर क्यो न हो पर दिल मे मोहब्बत जरूर जगेगा। तभी तो मोहब्बत की गाड़ी आगे बढ़ेगा, और दुनियां में मोहब्बत का महत्व बढ़ेगा।। मोहब्बत पर लिखना सरल है। पर मोहब्बत करना […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।