कुछ ऐसा करो जो जमाना याद करें अच्छाई के लिए सब जिंदाबाद करे दिल दुखे न किसी का स्वपन में भी कभी ऐसे कर्म करो जो सब शाबाश करे व्यवहार ऐसा हो मुरीद हो जाये सब उदाहरण आपका दे दुआ बार बार करे मन की सुंदरता आ जाती है चेहरे […]

वज़्न-221-212-221-212-12/मफ़ऊल,फाइलुन, मफऊल, फाइलुन,फआ,(संशोधित) उनकी दुकां हुई जो बंद ये सवाल है। इस बात के लिए ही मुल्क़ में बवाल है।-01 * जिस बात का वो माइना ही जानते नहीं, उसकी ख़िलाफ़तो में हैं ये तो कमाल है।-02 * हिन्दू मुसलमां बीच नफरत के बीज बो, हासिल करेंगे कुर्सियां असली ये […]

जज्बा रखो देशप्रेम का आओ सदा देश के काम देश है हमारा सबसे पहले देश की मिट्टी हमारी शान देश के लिए जो चले गए देश का नाम जो बढ़ा गए आओ करे उनको प्रणाम उनका करे हम गुणगान गद्दारो की सुनवाई न हो उनकी रहनुमाई न हो सुरक्षित रहे […]

कलयुग में भी लोग प्यार को दिल से वो समझते है। दिल से प्यार के बारे में बहुत कुछ सोचते है। जबकि हम इंसानों से इंसानियत ही रखते है। हमदर्दी के नाम पर, कुछ और समझ वो बैठे है। अपने दिल को वो मानो समर्पित हमे करते है। ऐसे सोचने […]

गये थे एक बारात में में अपने मिलने वालों की। वहां जाकर पता चला ये तो आदर्श ब्याहा है। जिसमें कई चीजें मुझे बहुत अच्छी लगी। फिजूल खर्च इसमें बिल्कुल भी नही था। ये आज के जमाने के, बिल्कुल विपरीत था। और ये जैन समाज के लिए बड़ी बात है। […]

दुनिया मे सब अच्छे बने यह उपदेश जरूर दीजिए यह उपदेश देने से पहले खुद को अच्छा जरूर कीजिए बदल जाएंगे हालात जरूर पहले आप खुद तो बदल लीजिए बेटियां एक सी है चाहे मेरी या तुम्हारी जहां भी मिले उन्हें सम्मान दीजिए बेटे की चाहत में जुल्म न हो […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।