केवल स्वपन देखने से नही होते साकार स्वपन पूरे करने है तो सदकर्म कीजिए अपार सदकर्म से ही आपको सफलता मिल जाएगी इसके लिए विन्रमता भी आपके काम आएगी धरातल से जुड़कर जो जीना सीख जाते है विजय पताका वही तो जीवन मे फैहराते है। #श्रीगोपाल नारसन परिचय: गोपाल नारसन की […]

कहाँ से हम चले थे, कहाँ तक आ पहुंचे। सभी की मेहनत ने, दिखा जोश जो अपना। तभी तो हम भारत को, इतना विकसित कर सके। पिन से लेकर एरोप्लेन, अब हम बनाने जो लगे।। कड़े परिश्रम और लगन, के द्वारा ये हुआ है। तभी तो अपने भारत को, दुनियां […]

आदिगुरु हैं नानका,पीछे अंगद देव। अमरदास गुरू रामजी,पंचम अर्जनदेव।। हरगोविन्द हररामजी,हरकिशन अरु तेग। दशम गुरु गोविन्दजी, हरते पीडा वेग।। जयजयजय गुरुनानक देवा। प्रभु की वाणी मानव सेवा।। रावी तट तलवंडी ग्रामा। गुरु जनमें पावन ननकाना।। सन चौदह उनहत्तर साला। कातिक पूनम भया उजाला।। कालू मेहता घर अवतारा। मां तृप्ता की […]

जीवन बहुत अनमोल है रखिए इसे संभालकर जीवन के हर क्षण को सुंदर बनाइये संवर कर देह के साथ मन का भी सुंदर होना जरुरी है मन मे कोई विकार न हो यह देखना भी जरुरी है व्यर्थ के चिंतन से बचकर सार्थक चिंतन कीजिए जिसने हमे धरा पर भेजा […]

प्रकृति अंगड़ाई लेने लगी है बसन्ती बयार बहने लगी है पुराने पत्ते झड़ने लगेंगे नये पत्ते अब आने लगेंगे यह परिवर्तन का दौर है आवरण बदलने का भोर है स्वयं को भी बदल लीजिए बुराइयां को छोड़ दीजिए सद्गुणों को अपना लीजिए मानव से देवता बन जाओगे सुख शांति दोनो […]

कोई नही चाहता, मेरा बुरा हो फिर दूसरे का बुरा सोचते क्यो है? कोई नही चाहता ,हार मिले फिर दूसरे को आप हराते क्यो है? कोई नही चाहता निरादर अपना फिर दूसरे का अपमान करते क्यो है? जो चाहते हो आप अपने लिए वही दूसरो को बांटना सीखो खुद शांति,प्रेम,सदभाव […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।