केवल स्वपन देखने से नही होते साकार स्वपन पूरे करने है तो सदकर्म कीजिए अपार सदकर्म से ही आपको सफलता मिल जाएगी इसके लिए विन्रमता भी आपके काम आएगी धरातल से जुड़कर जो जीना सीख जाते है विजय पताका वही तो जीवन मे फैहराते है। #श्रीगोपाल नारसन परिचय: गोपाल नारसन की […]
काव्यभाषा
काव्यभाषा
आदिगुरु हैं नानका,पीछे अंगद देव। अमरदास गुरू रामजी,पंचम अर्जनदेव।। हरगोविन्द हररामजी,हरकिशन अरु तेग। दशम गुरु गोविन्दजी, हरते पीडा वेग।। जयजयजय गुरुनानक देवा। प्रभु की वाणी मानव सेवा।। रावी तट तलवंडी ग्रामा। गुरु जनमें पावन ननकाना।। सन चौदह उनहत्तर साला। कातिक पूनम भया उजाला।। कालू मेहता घर अवतारा। मां तृप्ता की […]
