दुसरो से कुछ छिपाना पड़े ऐसे काम कभी करो नही छिपाकर भी कुछ न छिपेगा इस सत्य को कभी भूलो नही मानव मात्र से छिपा भी लिया प्रभु से कुछ न छिप पाएगा जो भी करोगे इस दुनियां में वह सच सामने आ जाएगा जो देख सके सारी दुनियां ऐसे […]

न हिंदू खतरे में है न मुसलमान / न सिख-ईसाई… खतरे में तो मेरे देश की बेटियाँ हैं | जो आये दिन बनती हैं शिकार हैवानों की, शैतानों की… जिस दिन मेरे देश के मंत्रियों, धर्मगुरु, लालफीताशाही की अय्याशी मिट जायेगी बेटियाँ स्वत: ही सुरक्षित हो जायेंगी | तुम खूब […]

नल के जल को भी गंगाजल समझिए। भूलकर भी न दुश्मन को निर्बल समझिए।। जो हो गया सो हो गया, मत रोइए, मिले हुए हर फल को कर्मफल समझिए।। सवालों के शूल से दिल घायल न हो, इक सवाल को दूसरे का हल समझिए।। ‘सावन’ सुख से सोइए सूखे बिस्तर […]

स्वयं की स्वयं से , पहचान बनाओ, स्वयं में हम कौन है ? यह जान जाओ। कहां से हम आए है , कहां तक हमे जाना है? कहां हमारा , आखिरी ठिकाना है? कौन हमें चला रहा , किसके हाथ मे रिमोट है? हमारे अस्तित्व का, किसके पास प्रोनोट है? […]

मिले हम अपनी कविता, गीतों के माध्यम से तुम्हें। परन्तु ये तो कुछ, और ही हो गया। पढ़ते पढ़ते मेरी गीतों के, तुम प्रशंसक बन गये। और दिल ही दिल में, हमें चाहाने लगे। और अपने से, हमें लुभाने लगे।। दिल से कहूँ तो मुझे भी, पता ही नहीं चला […]

जगत के पालनहारी जय जय जय भोले भंडारी। ललाट चंद्र, जटा गंग मुख तेज, नेत्र त्रिअंग हाथ त्रिशूल डमरू मृगछाल पडे अंग। शरीर लगे भस्म साँप लेटे संग भूत पिशाच की यारी भांग धथूर लगे प्यारी ऐसे हैं भोले भंडारी। उनकी महिमा कोई न जाने पर सभी उन्ही को माने […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।