कुछ ऐसा करो जीवन मे दुनिया आपको याद करे आपके पदचिन्हों पर चलने की समाज से वह फरियाद करे जो आकर पहले से आपके कुछ अच्छा काम कर गए है वे दुनिया मे अपना नाम सदा के लिए अमर कर गए है चाल,चरित्र,चेहरा हमारा स्वच्छ दर्पण सा दिखता रहे परमात्म […]

पिता एक वटवृक्ष है जिसकी छाया तले पोषित होती हैं कई जिंदगियां चढ़ती हैं कई बेले -लताएं उसके विशालता का आलिंगन करने के लिए । पिता एक आच्छादित उपवन है जहां पर मंडराती हैं कई तितलियां -भवरे बसाता है कई सारे बाग बगीचों को । पिता एक बागवान हैं हैं […]

सदाचरण पथ को अपनाओ विकार मुक्त स्वयं बन जाओ मन मे क्लेश कभी कोई न रहे असीम शांति का सुख पाओ हमेशा मनमाफिक होती नही हर बात बस मे होती नही ईश्वरीय लीला है, मानकर चलो स्वयं को निमित्त समझकर चलो सारे कष्ट दूर हों जायेगे तुम्हारे गैर भी अपने […]

बोल तू मीठे मीठे बोल, तू कानों में शहद घोल। बोल जब भी कुछ तू बोल, जरा सोच समझ कर बोल। ये गुण है अनमोल। ये दुनियाँ है गोल मोल, अन्तर्मन की आँखें खोल। दिल के दरवाजे खोल, फिर तू मस्ती में डोल। अपने डर को पीछे छोड़, फिर नाचो […]

भोली भाली जनता की कौन सुने आवाज, नेता बहरे हो गए,प्रजतन्त्र में सभी आज | पढ़े लिखे बेकार घूम रहे,उन्हें मिले न काज , बे पढ़े मजे ले रहे ओढ़ रहे वे सत्ता का ताज | गूंगा गाता बहरा ताल लगाता सत्ता में आज , वोटो पर नोटों का राज […]

लड़ाकर तुमसे नैना,मै तो फस गई, तेरी मन मोहनी मूरत मन में बस गई। ग्रीष्म ऋतु जाकर,शरद ऋतु आ गई, तेरी प्रतीक्षा करते करते,मै तो थक गई। आ जाओ मेरे सनम,रात बहुत हो गई, जगते जगते सारी रात,यूंही कट गई। आता नहीं चैन,अब तो भीगी भीगी रातो मे, बिन घटा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।