सावधानी हटी दुर्घटना घटी परिणाम भयावह एक मां का बेटा गया एक बहन का भाई परिवार का सहारा गया जीवन से उजाला गया काश!सावधानी बरतते हेलमेट पहनते बच जाती जान न होता नुकसान प्रभु नियति मे न पड़ता व्यवधान दुर्घटना से मौत पर रोक लगे हर कोई अपना जीवन पूरा […]

सोच बदलो गाँव बदलो अब चलो गाँव में। तभी हम गांवों को खुशाल बना पाएंगे। और नया हिंदुस्तान हम मिलकर बनाएंगे। और गांवों का इतिहास एक बार फिरसे दोहरायेंगे। गांवों की मिट्टी का कोई जवाब नहीं है। पैरो में लगती है तो चलने की शक्ति आती है। माथे पर लगाओं […]

उसका ना हो पाया तो अपना उसे बना लूँगा बिना लिए सात फेरे मोहब्बत निभा लूँगा संभव नहीं होगा मिलन मुश्किल होगा अगर दर्श करके अपनी आँखें बंद मैं कर लूँगा उसे स्पर्श छिन जायेगी आवाज़ मेरी खामोशियाँ उसे सुना दूँगा मैं उसकी मोहब्बत में खुद को भी भुला दूँगा […]

यह जीवन प्रभु की देन है करो इस जीवन की संभाल सड़क पर जब भी निकलो रखो ट्रैफिक नियमों का ख़्याल बाईक ड्राईव करते समय हेलमेट जरूर पहन लीजिए सड़क नियमो का पालन कर बचाइए बेगुनाहो की जान सड़क पर चलने की अगर आ गई आपको होश्यारी सड़क दुर्घटना से […]

आज गणेश चतुर्थी है संकट मोचन भगवान की, जो रक्षा करते हैं तुम्हारी और तुम्हारी संतान की। बनाओ इस दिन तिल गुड चावल से अच्छे पकवान जी, इनसे इनका भोग लगाओ जो खुश हो जाए भगवान जी। रखो व्रत इस दिन तुम और खैर मांगो संतान की, संकट मोचन नाम […]

माता-पिता ने पैदा किया, पर दिया गुरु ने ज्ञान। लाड़-प्यार दिया दादा-दादी ने। पर गुरु ने दिया अच्छे बुरा का ज्ञान, उठे हृदय में जब भी विकार। तब उन्हें गुरु ने कर दिया शांत, तभी तो कहता हूँ मैं कि आचार्यश्री हैं इस युग के भगवान। गुरु ही साँस और […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।