मिले सभी को सम्मान ऐसा आचरण कीजिए न रहे कोई अभिमान ऐसा स्वमान लीजिये हो परमात्मा से प्यार ऐसा गुणगान कीजिये हो सबका कल्याण ऐसी दुआये दीजिये गैर भी अपने हो जाय ऐसा व्यवहार कीजिये परमात्म याद बनी रहे ऐसा राजयोग कीजिए।#श्रीगोपाल नारसन Post Views: 77
काव्यभाषा
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