. .                   *1*  वल्लभ भाई  थे यहाँ, भारत के सरदार। एकीकरणक  देश  के, बना दई सरकार। बना  दई  सरकार, मिटा  देशी  रजवाड़े। भारत  के  हर कोन, तिरंगे  झण्डे गाड़े। कहे लाल कविराय,देश  से प्रीत निभाई। भारत माँ का  पूत,सरदार वल्लभ भाई। .                     *2*  आजादी  के  दौर  में, नेता   हुए  हजार। वल्लभ ,नेहरु  […]

क्या कहूँ, क्या न कहूँ, झूठा है हर शान, देश मे हिंदू मुस्लिम की जंग, और कहता भारत महान, देश मे लोग लोगो के दुश्मन, फिर भी देश महान, धर्म के नाम पर करते दंगे, अल्लाह राम में करते पंगे, ये है हमारा हिंदुस्तान। बिक चुके है लोग, बिक चुकी […]

मेंहदी  बिंदी  कुमकुम लगे, सजे तन पर सोलह श्रृंगार, मेरे जीवन में खुशियाँ है,जिसके तुम  हो एक आधार, बिन मांगे सब  मुझे मिला है,दर्पण मेरे मन मीत बने , सभी तीज त्योहार तुम्हीं से, दिया सदा मुझे निश्छल प्यार।। निर्जल व्रत रख पूजूं चँदा, वंदन कर आरती उतारूँ , लगा […]

कोयला  कितना  भी  उजला  दिखा ले, पर मन का काला तो काला ही दिखेगा, मकड़े  का  तो काम ही  है  बुनना  जाला, वो तो हमेशा नफरत का जाला ही बुनेगा, गिरगिट से ना उम्मीद करना शराफत की, बात बात में ये नित नए रूप दिखलायेगा। दोमुहे  साँपो  का  कभी  भी  […]

आज भी सजा था मंच सामने थे बैठे असंख्य श्रद्धालु गूंज रही थीं मधुर स्वर लहरियाँ भजनों की आज के सतसंग में आया हुआ था एक बड़ा नेता प्रबंधक लगे थे तौल-मौल में प्रवचन थे वही पुराने कहा गया ‘हम हैं संत’ संतों ने क्या लेना राजनीति से समस्त श्रद्धालुओं […]

सत्य सूर्य सा अड़िग, सुन्दर है जग मर्त्य। मिश्रित यह संसार है,मिलते सत्य असत्य।। . 🌞🌞 ईश्वर ने सृष्टी रची, मानव के सब कृत्य। सृष्टा दृष्टा दुई भये, जग में सत्य असत्य।। . 🌞🌞 धरा सत्य का रूप है,लक्ष्मी जग में मिथ्य। दोनो आवश्यक हुए ,जानो सत्य असत्य।। . 🌞🌞 […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।