-संदीप सृजन तमाशा तो वही चलता निरंतर पांच सालों तक। जमूरा और होता है मदारी और होता है।। इन पंक्तियों के लेखक, स्वातंत्र्योत्तर हिंदी काव्य के विकास में पिछले पांच दशक में जिनका अनवरत योगदान रहा, श्रेष्ठ कवि एवं लोकप्रिय ग़ज़लकार चंद्रसेन विराट 15 नवम्बर को अपनी अनंत यात्रा पर […]
#साझा_संग्रह~ काव्य मञ्जरी #सम्पादक~#सुरेश_सौरभ #प्रकाशक~#नमन_प्रकाशन,लखनऊ #समीक्षक~#संदीप_सरस(9450382515) लखीमपुर जनपद के चर्चित साहित्यकार सुरेश सौरभ के समर्थ सम्पादन में एक बार फिर लगभग साठ रचनाकारों की रचनाओं का संकलन काव्य मञ्जरी के रूप में प्रकाशित होकर पाठको के सम्मुख है। सबसे बड़ी बात यह है संकलन में उन्होंने जहां एक ओर वरिष्ठ […]
