तड़प उठा है हिंदुस्तान दहक रही सीने में ज्वाला है। नापाकी तेरी करतूतों ने   ह्रदय छलनी कर डाला है। जब भी हमने दोस्ती का पैगाम आगे लाया है। खूनी होली खेलकर तूने कायरता दिखाया है। अब शब्दबाण से नही       अग्नि वर्षा से बात होगी। शहीदों की […]

गांधी तुम फिर आओगे जनमानस के पटल पर छुद्र स्वार्थ हटाओगे। जाति पाती ही ध्येय बना सत्ता के गलियारों का सत्य अहिंसा नारे बन गए जनता को भरमाने का बढ़ती पशुता नग्नता सी कैसी वैचारिक विषमता है मानवता शर्मिंदा होती ये कैसी समरसता है। चरखा पर हम सूत कातते स्वालम्बन […]

मेरा मुल्क मेरा देश ,      अनेकता में एक। भिन्न भिन्न की बोली यहां पर अलग अलग भाषाएँ। जाती अलग है धर्म अलग है पर एक ही है दिशाएं। मानवता का धर्म यहां पर     खुशियां रोज मनाएं क्या हिन्दू क्या मुस्लिम हम भाईचारा फैलाएं। ईद दीवाली वैशाखी […]

वो क्रांति वीर जलता रहा     अंधेरों से लड़ता रहा। ले स्वराज का दीपक   गांधी जी के संग चलता रहा।         पर प्रण लिया कठोर अधिकार हमको चाहिए भीख नही हमको स्वराज ही चाहिए। खून कहा बहा दो        देश प्रेम की राह […]

हिंदी हूँ मैं हिंदी भारत के माथे की बिंदी। कभी आसमान पर कभी रसातल पर घूमती अतरंगी हिंदी हूँ मैं हिंदी।। मुझे छोड़कर सेमिनारों में चलते अंगरीजी अक्षर न्यायालय के कामकाजों की मुझको नही खबर अपने ही देश तिरस्कृत होकर बन गई आज फिरंगी हिंदी हूँ मै हिंदी।। शेखी मारते […]

हवाएं जो बदली कि नाविक किधर गए। जो बहके थे कल मदमस्त आज पिघल गए। मुख मोड़ा था कल हमारी बेकशी पर, जुबां थी उनकी  कहते हैं फिसल गए। अकेले हैं गुमसुम साथी अब बदल गए, समय जो पलटा दरबारी टहल गए। नक्कार खाने में तूती कोई सुनता नही वक्त […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।