1.हम खुशहाली लाएंगे, सब मिल मतदान कराएंगे।। 2.वोट भूल से रह न जाये, आओ हम सब हाथ बढ़ाए।। 3.महिला, बूढ़े या  हो जवान, सभी डालने जाओ मतदान।। 4.हर घर अलख जगाएँगे, वोट की महिमा बताएंगे।। 5.हाथ जोड़कर कहना है, वोट  जरूर  देना  है।। 6.हम सबने ये ठाना है, 100% मतदान […]

जब वतन पर ग़ज़ल सुनाई है। दाद हमने भी खूब पाई है।। लोग मुझको ग़रीब कहते हैं दिल की दौलत मगर लुटाई है। हम पे कुछ तो भरोसा कर देखो, जिंदगी तुम पे ही लुटाई है। कोई दिल को चुरा नहीं सकता, क्यों मुहब्बत मेरी  चुराई है। अब मुलाकात मुझसे […]

बिस्मिल-सुभाष जैसे वीर नहीं पास आज, भगत की कुर्बानी को याद करना चाहिए। मातृभूमि को आजाद करवाने में दी जान, उनकी निशानी को याद करना चाहिए। सभी दिशाएं गूंजी थी उनके जय गानों से, गोरों की कहानी को याद करना चाहिए। जय गान करती है दुनिया शहीदों का ही, उनकी […]

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कब्र से उठ के उसने पुकारा मुझे, कुछ नहीं चाहिए अब तुम्हारा मुझे। मुझको दरिया की कोई जरूरत नहीं, छोड़ दो हो सके तो किनारा मुझे। अपनी रक्षा में गर हाथ मेरा उठा, दोष मत दीजिएगा दोबारा मुझे। अन्न से भेंट दिनभर नहीं हो सकी, ऐसा बाँधे रहा भाईचारा मुझे। […]

हमारी ही तरह तुम भी मरोगे, चिता की आग में तुम भी जलोगे। किसी के वास्ते कांटे न बोओ, इसी चकरोड पर तुम भी चलोगे। उसी दिन से तुम्हारी कद्र होगी, तुम अपनी बात जिस दिन कह सकोगे। जमाने में दया पाने के डर से, किसी के पांव तुम कब […]

न जाने कहाँ जाकर बैठ गया वह प्यारा-सा चांद का टुकड़ा, जिसे मैं दिन और रात अपनी पलकों से निहारता रहता था। जिसके बिना मुझे नहीं मिलता था, सुकून एक पल का। आज मुझे वह फीका-फीका सा लग रहा है चांद। और धीरे-धीरे घट रहा है, अमावस की तरह और […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।