ये तुम्हारी जड़ता तुम्हारी अकर्मण्यता एक दिन उत्तरदायी होंगी तुम्हारे ह्रास का और कठघरे में खड़ी होंगी और जवाब देंगी सृष्टि के विनाश का परिस्थतियाँ खुद नहीं बदल जाती हैं या सम्भावनाएँ यूँ ही नहीं विकसित हो जाती हैं पूरी की पूरी एक नस्ल एक पीढ़ी को अपनी आहुति देनी […]
