जो जल गतिशील रहता पवित्र उसे ही जानिए जो मनुष्य सद्कर्म करता देवता उसे ही मानिए बाल रूप मे राधा कृष्ण सतयुग मे ही आते सोलह कलाए धारण कर लक्ष्मी नारायण बन जाते कलियुग के कालेपन ने कृष्ण को भी बनाया सांवरा पतित से पावन बन जाने पर स्वर्ग बन […]

धर्म अलग हो सकते है किंतु इन्सान वही है जो इन्सान को ही बाँट दें वह ‘धर्म’ नहीं है, कोई ‘नमाज’ पढ़े कोई ‘यज्ञ ‘करे ‘हाथ ‘ वही है, सर झुकाओ या घुमाओ ब्रह्माण्ड वही है धूप वही है,छांव  वही है ‘पूजा’ करो या ‘इबादत’  इन्सान वही है, चलकर देखो […]

जो हल न हो सके उन चंद सवालों जैसी ज़िंदगी होती है शतरंज की चालों जैसी ========================== ये तो खुदगर्ज़ी की स्याही पुत गई वरना रंगत अपनी थी बचपन में उजालों जैसी ========================== वक्त कटता ही नहीं मेरा जब तू साथ न हो एक दिन की भी जुदाई लगे सालों […]

माँ के प्यार का न है कोई जवाब ! न ही उसकी कोई कीमत न हिसाब !! माँ पूर्ण शब्द है ! ग्रंथ है ,महाविद्यालय है ! यह मंत्र बीज है ,हर सृजनता का आधार है “माँ “!! जिसकी कोई उपमा न दी जा सके उसका नाम है “माँ” !! […]

खत लिखती हूँ , इस आस से , कि  तुमसे  सहारा  मिल जाए , जितने  गिले , शिकवे  जमा हैं , मेरे  दिल में , सारे  धूल जाएँ । पढ़कर  जवाब  जरूर  देना , या  हो सके  तो आ  ही जाना , मन  मेरा  एक  बार  फिर  से , सुनहरे  […]

लग गई दीमक देखो इंसान की फसल में बदल गया है आदमी कितना बस आजकल में दिल पसीजता नहीं, शहादत देखकर भी जज़्बात कैसे बने है पत्थर, बस आजकल में सुना था मयस्सर है सुकूँ, दरख़्तों की छाँव में माँ-बाप हो रहे है बेघर, बस आजकल में रहमदिली, ख़ुदाई, अपनापन, […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।