गणेश महोत्सव  तथा हिन्दी दिवस के दौरान नवोदय क्रांति भारत के म.प्र.राज्य मोटिवेटर एवं दोहावली नवाचारों के लिए विख्यात आगर मालवा के शिक्षाविद डॉ. दशरथ मसानिया द्वारा हिन्दी वर्णमाला से बनाई प्रथम पूजनीय भगवान श्री गणेश की कलाकृति इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है ।डॉ  मसानिया ने अपने […]

श्राद्ध पक्ष में दे रहें आवाज क्यों नहीं आ रहें  कागराज । देख स्तब्ध है  आज मानव कागराज  क्यों  हुए नाराज ।। छीनी  आशियानों की सेज काटे स्वार्थ में  जंगल , पेड़ । ढूंढें न मिल रहें है कागराज न जाने चलें गए कौन-से देश ।। पितृतर्पण प्रतिनिधि कागराज स्मृति […]

हिन्दी मेरा  परिचय  हैं हिन्दी मेरा विद्यालय हैं । हिन्दी बचपन का झूला हिन्दी मेरा शब्दालय हैं ।। हिन्दी गंगा-हिमालय हैं हिन्दी मेरा  देवालय  हैं । हिन्दी जवानी की तासीर हिन्दी मेरा सृजनालय हैं ।। हिन्दी  मेरी  मथुरा  हैं हिन्दी मेरी काशी पुरा हैं । बुढापे की  यह सहपाठी हिन्दी […]

जन्माष्टमी पर्व  विशेष ……………… माखन मिश्री से भरी थाल सजा है  द्वार और चौपाल । आएंगे   फोडऩे  मटकियां सखाओं  के  संग  गोपाल ।। चमक रह मोती -सा भाल सारे संकटों को रहें संभाल । आएंगे  तोडऩे  सारे  बंधन सखाओं  के  संग  गोपाल ।। प्रेम  की  बरसती  सुरताल जहाँ विराजते है  […]

एक राखी ऐसी लाना बहन जो वीरों को दे शक्ति ,गहन। सीमा  पर डटें रहतें  हरदम जिनसे सुरक्षित है , यें वतन ।। भेजना  तुम  उनको  पहले रक्षासूत्र  का  पवित्र  बंधन । जियें हजारों  साल  यें वीर कर रहें है भारती का वंदन ।। एक राखी  वीरों  के  नाम कर […]

कहानी-उपान्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद जयंती पर विशेष………… कर्मभूमि , गोदान जैसा जीवंत उपान्यास अब कहाँ मिलता है । बुढी काकी ,सुजान भगत -सा अब कथा पात्र कहाँ मिलता है ।। आमजन की पीडा को समझने वाला मसीहा   कहाँ  मिलता है । शब्द – शब्द में था  जिसके दर्द अब ऐसा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।