दिन था बैसाखी का चहूं ओर ख़ुशियाँ थीं फैली, वह क्रूर अत्याचारियों ने बच्चों तक की जानें ले लीं। जलियांवाला कांड है बलिदान वीरों की कहानी, यह वह मंज़र था, जहाँ दिलों में अमर्ष और आँखों में पानी। भीगे हुए थे रक्त में पल्लव और पुष्पों का था खौफ़ मंज़र, […]
