मैं जहाँ रास्ता भटका वहां मार्ग संकेतक नहीं थे सोचा अपने हैं लेकिन यह पता नहीं था अपनों की परिभाषा अब बदल गई है अब तो अपना मतलब सपना है अर्देन्दु भूषण इन्दौर, मध्यप्रदेश लेखक वर्तमान में दैनिक प्रजातंन्त्र के सम्पादक और स्तम्भकार है।
बिसौली। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. निहाल चन्द्र शिवहरे को उत्तर प्रदेश के बदायूं जिलांतर्गत बिसौली में केबी हिन्दी सेवा न्यास के अष्टम अंतर्राष्ट्रीय साहित्यकार सम्मान समारोह में उनकी कृति “मेरी इक्यावन लघुकथाएँ ” के लिए प्रेमचंद स्मृति सम्मान “एवं उक्त कार्यक्रम में ही डा.मिथिलेश दीक्षित साहित्य -संस्कृति सेवा न्यास के प्रमुख […]
