रेत पर नाम लिखने से क्या होगा। क्या उनको संदेशा तुम दे पाओगें। जब वो आये यहां पर घूमने को। उसे पहले कोई लहर आ जायेगी। और जो तुमने लिखा था संदेशा। उसे लहर बहा कर ले जाएगी। रेत पर नाम लिखने से क्या होगा।। अगर करते हो सही में […]
जीने नहीं देता मरने नहीं देता ये दर्द भी अब उबरने नहीं देता भुखमरी ऊपर से ये लॉक डाउन काम करना चाहे करने नहीं देता सोचते थे फिर से सँवर जायेंगे हालात ऐसे हैं सँवरने नहीं देता बढ़ते ही रहती रही परेशानी बहुत हद हो गई , धीरज धरने नहीं […]
भारत में कोरोना की दूसरी लहर तेजी से बढ़ रहा है इसे रोकने के लिए जितना महत्वपूर्ण 2 गज दूरी, मास्क का सतत एवं सही प्रयोग जरूरी है उतना ही आवश्यक कोरोना के प्रति सामाजिक जागरूकता, सतर्कता एवं एक दूसरे के लिए सहयोग एवं समर्थन बनाए रखना भी जरूरी है […]
विकार बढ़ गए सब तरफ़ रिश्ते हो गए सब तार तार अंग प्रदर्शन की होड़ लगी खो गए है अदब लिहाज बड़े छोटे का सम्मान नही बाप बेटे मे भी प्यार नही बहनो की लाज संकट मे माँ तक से रहा दुलार नही घोर कलियुग का दौर है रहा किसी […]
देश भर के किसान एक साथ आगे आ रहे हैं। पहली बार, मध्यम वर्ग उनका समर्थन कर रहा है। डॉक्टर, वकील, आम लोग उनकी मदद कर रहे हैं। यह आशा की जानी चाहिए कि आज स्वर की आवाज़ कुछ परिणाम देगी। राजधानी दिल्ली में एक बार फिर किसानों का जमावड़ा […]
गालिब ने कहा था, “खेल बच्चों का हुआ, दीन ए दीना न हुआ, वह आंख क्या जो कतरे में समन्दर को न देख ले। ” कतरे में समन्दर को देखने वाली आँख कविता की आँख होती है। ‘सावन’ के पास वह आँख है, जिससे उन्होंने लहरों, जलचरों और तूफानों को […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।
वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।