वंदना

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bhuvan
नित-नित मैं तेरा ध्यान करूँ,
हे  माँ  तेरा गुणगान करूँ…
ज्ञानप्रदायनी,वीणावादनी,
माँ  तेरी  जयकार  करूँ l

तेरे आंचल में जो आता,
जीवन धन्य-धन्य हो जाता…
ज्ञान प्रफुल्लित चहुँ दिशा में,
दीपक बनकर सदा फैलाता…

माँ कर दे राह मेरी आलोकित,

नमन  मैं  बारम्बार  करूँ…
ज्ञानप्रदायनि वीणावादनी,
माँ तेरी जयकार करूँ….ll

हंस सवारी मां कहलाती,
वाणी में भी है बसती…
सदमार्ग मिले हे मातेश्वरी,
जब-जब वीणा है  बजती…
वीणा की झंकार बजा दे,
ज्ञान का तरकश हे मां भर दे…
रज तेरे चरणों की बनूँ,
विनती मैं बारम्बार करूँ…
ज्ञानप्रदायनी वीणावादनी,
माँ तेरी जयकार करूँ…
नित-नित मैं तेरा ध्यान करूँ,
हे मां तेरा गुणगान करूँ,…ll

#भुवन बिष्ट

परिचय: भुवन बिष्ट  का जन्म स्थान-रानीखेत और जन्म १ जुलाई १९८० को हुआ हैl आपका निवास मौना (रानीखेत) जिला-अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में हैl आपने  परास्नातक के साथ ही बी.एड.भी किया हैl साथ ही मास्टर इन कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर टेक्नोलाजी,डिप्लोमा इन हार्डवेयर टेक्नोलाजी एन्ड नेटवर्किंग भी किया हुआ हैl निरंतर प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में कविता,लेख तथा कहानी लेखन आदि प्रकाशित होते हैंl आपको काव्य भूषण सम्मान,बाल कविता लेखन में पुरस्कृत,भारत विकास परिषद द्वारा सम्मान मिला हैl आकाशवाणी अल्मोड़ा से रचनाओं का प्रसारण,रेडियो स्टेशन कुमांऊ से भी रचनाओं का प्रसारण हुआ हैl प्रकाशित पुस्तकोण में `जीवन एक संघर्ष`(काव्य संग्रह)हैl  कुछ प्रकाशन प्रक्रिया में हैंl 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।