मत पूछो यारो मुझसे,कोरोना में दिन कैसे मै काट रहा हूँ

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मत पूछो यारो मुझसे,कोरोना में दिन कैसे मै काट रहा हूँ |
अपने मन की बाते करके तुमसे,अपना दुःख मै बाँट रहा हूँ ||

हो गई पढाई ऑनलाइन पर,बच्चो के लैपटॉप मै लगाता हूँ |
मिलता है जो होमवर्क उनको,उसको भी मै पूरा कराता हूँ ||

काम वाली बाई सब चली गई,उनके काम भी मै करता हूँ |
घर का झाड़ू पौछा करके, फिर बर्तन भी मांजा करता हूँ ||

घर में बैठकर कंप्यूटर से, दफ्तर का सारा काम मै करता हूँ |
पड़े डाट जब बॉस की मुझ पर,उसको भी फोन से सुनता हूँ ||

इस कोरोंना काल में भैया, मुसीबतो के पापड़ मै बेल रहा हूँ |
घर में रहती है बीबी,उसके हर नखरे भी मै खूब झेल रहा हूँ ||

घर मे बन्द हूँ कैदी की तरह,बाहर निकल नहीं मै जा सकता हूँ |
बच्चे भी जो फरमाईश करते,उन फरमाइशों को मै पूरा करता हूँ ||

करी सहायता जिन लोगो की,वे भी अब अपना मुँह फेर रहे है |
बुरा भला मुझको ही कहते,उल्टा ही वे सब मुझको घेर रहे है ||

खत्म हो जाता जब सामान,उसे ऑनलाइन भी मै मंगवाता हूँ |
अधिक पैसे देकर भी मै,कभी कभी खराब सामान मै पाता हूँ ||

आर के रस्तोगी
गुरुग्राम

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।