बौद्ध के जीवन पर आधारित ऑन लाइन हिंदी कवि सम्मेलन महात्मा गांधी साहित्य मंच गांधीनगर मे संपन्न हुआ

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बौद्ध धर्म और गौतम बुद्ध के जीवन पर आधारित ऑन लाइन हिन्दी कवि सम्मेलन :

“सूर्य, चंद्रमा और सत्य, ” छिपाया छुप टीवीनहीं सकता है, गौतम बुद्ध और उनके जीवन पर आधारित रचना प्रस्तुत कर ने और धर्म के लिए भी कविता प्रस्तुत कर ने हेतु ऑन लाइन कवि सम्मेलन आयोजित किया गया था
बौद्ध धर्म भारत, चीन, जापान, कोरिया, थाईलेनड, कंबोडिया, श्री लंका, नेपाल, भूटान आदि देशों में फैला हुआ विश्व का तीसरे स्थान पर बौद्ध धर्म हे
दिनांक 24 अक्टूबर 2020 दोपहर मे 2 बजे बौद्ध धर्म और गौतम बुद्ध के जीवन पर आधारित ऑन लाइन हिन्दी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया था,
महात्मा गांधी साहित्य मंच गांधीनगर के अध्यक्ष श्री डॉ गुलाब चंद पटेल कवि लेखक अनुवादक और इंडियन लायंस गांधीनगर स्वर्णिम क्लब के उपाध्यक्ष, सामाजिक कार्य कर द्वारा बौद्ध के जीवन पर आधारित आयोजित ऑन लाइन हिंदी कवि सम्मेलन दिनाँक 24 अक्टूबर 2020 को शाम 4 बजे संपन्न हुआ
इस कार्यक्रम में सरस्वती वंदना डॉ भावना सा वलिया राजकोट द्वारा की गई,
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री श्याम कुंवर भारती झारखंड से उपस्थित थे और उन्होंने संस्था की शोभा बढ़ाई, सराहना की और कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया
विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ सुनील कुमार पारित कर्नाटक बेलगाम से उपस्थित थे और उन्होंने कवि ओ का होंसला बढ़ाया, संस्था के अध्यक्ष श्री डॉ गुलाब चंद पटेल को अभिनंदन किया, उन दौनों अतिथि ओ का शब्द रूपी पुष्प माला से अध्यक्ष श्री ने स्वागत किया
इस कार्यक्रम का संचालन सचिव श्री रमेश भाई मुलवाणी ने किया, अंत में आभार प्रकट श्री कांति भाई पटेल एडवोकेट कोषाध्यक्ष श्री ने किया,
कार्यक्रम के अंत में संस्था के अध्यक्ष श्री डॉ गुलाब चंद पटेल ने राष्ट्र गीत ज़न गण मन प्रस्तुत किया और कार्यक्रम पूर्ण घोषित किया गयाp
दिनांक 24 अक्टूबर 2020 को बौद्ध धर्म और गौतम बुद्ध के जीवन पर आधारित ऑन लाइन हिन्दी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया था,, इस मे जुड़े,सभी कवि ओ ने हिस्सा लिया और अपनी उम्दा रचनाए प्रस्तुत की,
कवि ओ के नाम इस प्रकार हैं,
1.डॉ गुलाब चंद पटेल
2.डॉ भावना सवालिया
3.रमेश भाई मुलवाणी सचिव
4.कांति भाई पटेल एडवोकेट
5.शैलेश वाणिया
6.पंचाल मनोजकुमार रमणलाल
‘मन’
पालनपुर
૭.अस्मजा बिहार
૮.डॉ गीता शर्मा

  1. एस.पी. वर्मा
  2. राज नायर, राजस्थान
  3. डॉ० विजय लक्ष्मी, उत्तराखंड
    12.अरविंदभाई छगनभाई सचापरा
  4. संगीताबहन चिमनलाल सोनी धनसुरा गुजरात
    14.प्रजापति नीताबेँन सोमाभाई
    15.समौचा अनिलकुमार मफतलाल गुजरात
    16)अश्मजा प्रियदर्शिनी,पटना,बिहार
    17.रागिनी बहन शुक्ल मुंबई
  5. राजेश पुनिया हरियाणा
  6. ममता हंसमुख राय भट्ट
    ૨૦.रामाजी हेमराज जी रोटा तर.
  7. देवेंद्र नाथ त्रिपाठी
  8. श्री ब्रजेंद्र नारायण द्विवेदी
  9. डॉ मीना कुमारी सोलंकी हरियाणा
  10. अरविंदभाई छगनभाई सचपरा
  11. रेखा भटनागर भोपाल
  12. कुमारी चंदा देवी स्वर्णकार राष्ट्रपति पुरस्कार शिक्षिका
  13. मंगल कुमार जैन
    28.पाखी जैन
    29.डॉ मलकप्पा अलियास महेश बेंगलूर कर्नाटक
    अस्तु
    तस्वीर :श्याम कुंवर भारती
    डॉ सुनील कुमार पारित कर्नाटक
    डॉ गुलाब चंद पटेल अध्यक्ष
    रमेश भाई मुलवाणि सचिव
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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।