अद्भुत अलौकिक ग्रंथ है ‘धेनु ही धर्म’- साध्वी ऋतम्भरा जी*

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कवि मुकेश मोलवा द्वारा रचित गौ ग्रंथ ‘धेनु ही धर्म’ विमोचित

इंदौर।

‘जब कवियों का काव्य, ऋषियों का ऋष्य, वीरों की वीरता का सम्पूर्ण रस समाहित होता है, तब जाकर ग्रंथ का सृजन होता है। आज ऐसे ‘धेनु ही धर्म’ ग्रंथ का विमोचन कर प्रसन्नचित्त हूँ। यह ग्रन्थ अद्भुत एवं अलौकिक है’ उक्त विचार पूज्य दीदी माँ साध्वी ऋतम्भरा दीदी ने सर्वमङ्गला पीठ, वृंदावन में कवि मुकेश मोलवा द्वारा लिखित संस्मय प्रकाशन द्वारा प्रकाशित गौ ग्रंथ ‘धेनु ही धर्म’ के विमोचन के दौरान कहे।
गौ ग्रंथ ‘धेनु ही धर्म’ का विमोचन सर्वमङ्गला पीठ, वृंदावन में दीदी माँ साध्वी ऋतम्भरा दीदी, बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक सोहन सोलंकी, मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’ एवं साध्वी सत्यप्रिया दीदी द्वारा किया गया। सर्वप्रथम कवि मुकेश मोलवा द्वारा दो पवित्र नदी नर्मदा एवं क्षिप्रा जल से गुरुपादपूजन किया गया, इसके उपरांत गौ ग्रंथ का विमोचन किया गया। इसके उपरांत मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ में साध्वी ऋतम्भरा जी को संस्थान की गतिविधियाँ आदि बताई। इसमें साध्वी सत्यप्रिया दीदी, रामेश्वर राठौर, कपिल शर्मा, शुभम मुकाती आदि उपस्थिति रहे।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।