बालकवि प्रमोद सोनवानी साहित्य सम्मान से अलंकृत

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रायगढ़ |

साहित्यिक व औद्योगिक तहसील – तमनार के अधिनस्त ग्राम पंचायत पड़िगाँव के “श्री फूलेंद्र साहित्य निकेतन” निवासी बाल साहित्यकार प्रमोद सोनवानी ‘पुष्प’ को , नवोन्मेष रचना मंच एवं सृजन सम्मान छ.ग. , इकाई घरघोड़ा के बैनर तले आयोजित एक भव्य साहित्यकार सम्मेलन में , दिल्ली से पधारे मुख्य अतिथि – डॉ. सुधीर सिंह “सुधाकर जी , कार्यक्रम प्रमुख – डॉ.दिलीप गुप्ता जी व अतिथियों द्वारा अपने कर कमलों से सृजन सहभागिता हेतु साहित्य सम्मान – 2020 से अलंकृत किये ।
इस अलंकरण के तहत प्रमोद को सम्मान पत्र , प्रतीक चिन्ह व साहित्य कृतियां , सम्मान स्वरूप भेंट किया गया ।
प्राप्त सम्मान हेतु बाल कवि पुष्प को डॉ.सुधीर सिंह , डॉ. दिलीप गुप्ता , प्रो.संजय बहिदार , रूखमणी देवी राजपूत , संतोष पैंकरा , बाल कवि शंभूलाल शर्मा वसंत , जयशंकर डनसेना राजेन्द्र गुप्ता , मुन्नवर अशरफी , प्रताप नारायण बेहरा व सोनू बरेठ ने शुभकामनाएं प्रेषित किये हैं ।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।