हुकूमत

Read Time0Seconds

aditi rusiya

प्यार एक इबादत है
पूजा है
तेरे और मेरे सिवा
न कोई दूज़ा है
इसमें न किसी की
हुकूमत है
न राज है
किसी का
यहाँ तो सिर्फ़
प्यार का
दरिया है
एक दूजे से
वफ़ाई है
बेवफ़ाई नहीं यहाँ
नोक झोंक भी
ख़ूब है
पर लड़ाई
नहीं यहाँ
एक दूजे से
जुदाई भी
बर्दाश्त नहीं होती
चाहे कितनी भी
नाराज़गी हो यहाँ
जीवन में
बहुत से
कठिन पल आए
तूफ़ान भी आए
बहुत
पर किसी ने
अपनी हुकूमत
नहीं चलाई
शायद इसीलिए
रिश्ते हैं
हमारे बहुत
मजबूत
जो जोड़े हैं
प्यार से हमने
जिसे तोड़ पाना है
मुश्किल
न कभी तुमने
थोपे हैं
फ़ैसले अपने
मुझ पर
न कभी
सुनाया कोई
फ़रमान मुझे
जो भी
ग़लतियाँ हुईं
समझाया प्यार से उसे
एक दूसरे को
हमने
न यहाँ
राग है
न द्वेष है
न तुम हो
न मैं
यहाँ हम एक है

#अदिति रूसिया
वारासिवनी

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

पिता

Wed Jul 11 , 2018
कराता है वही जो पिता है हमारा सिखाता है वही जो पिता है हमारा वास्तव मे हम कठपुतली है उसकी नचाता है वही जो पिता है हमारा सफलता उसकी असफलता उसकी रिमोट कन्ट्रोलर वो जो पिता है हमारा गुमान कैसा फिर अपने मैं पन का सुप्रीम तो वही जो पिता […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।