आज के डिजिटल युग में, सिर्फ़ एक अच्छी किताब लिखना ही काफ़ी नहीं है। एक लेखक के रूप में अपनी पहचान बनाना और अपनी रचनाओं को पाठकों तक पहुँचाना भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है। मीडिया के विभिन्न रूप आप परंपरागत समाचार पत्रों से लेकर अत्याधुनिक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म तक पहुँचकर […]
आलेख
-प्रो. संजय द्विवेदी भारतीय मीडिया अपने पारंपरिक अधिष्ठान में भले ही राष्ट्रभक्ति,जनसेवा और लोकमंगल के मूल्यों से अनुप्राणित होती रही हो, किंतु ताजा समय में उस पर सवालिया निशान बहुत हैं। ‘एजेंडा आधारित पत्रकारिता’ के चलते समूची मीडिया की नैतिकता और समझदारी कसौटी पर है। सही मायने में पत्रकारिता में […]
