जय जय जय हे भारत माता। तुम त्रिभुवन की भाग्य विधाता॥ वेद,पुराण,तुमहि नित ध्यावै। धरती,अम्बर ध्यान लगावै॥ शस्य श्यामलां धरा तुम्हारी। इस जहान में सबसे प्यारी॥ छः ऋतुएं भारत में आए। शरद शिशिर हेमंत सुहाए॥ ग्रीष्म,वसंत व वर्षा राजे। चहुँदिसि भारत महिमा साजे॥ निशदिन सागर पाँव पखारे। भागीरथी सृष्टि को […]

देशवासियों जागो जागो, सबको अब जग जाना है। मायूसी और अंधकार को, मिलकर दूर भगाना है॥ ढोंगी बाबाओं से दूर रहो, चक्कर में फिर न,आना न। मृत्यु भय से डर जाना न, मकड़जाल में फंस जाना न॥ ये भक्तों ,श्रद्धालु को लूट, विश्वासघात कर जाते हैं। योगी से बन कर […]

तुम एक प्यार हो, जिसमें भाव है भंगिमा है, राग है,द्वेष है और एक अनजानी-सी पीड़ा भी, पर मेरा दिल स्थिर है क्योंकि मैं अकेला हूँ, तुम जिस पथ पर खड़ी हो आज बचपन में बहुत घूमा हूँ मैं, बहुत खेला हूँ जीवन को बनाओ तो ऐसा कि जीवन बहती […]

बरसात हुई, हरियाली हरी हो गई पेड़ों पर जमी धूल धुल गई l अब पेड़ बिल्कुल, हरे ताजे हुए, नरम घास नमी से और भी आनंददाई हुई, पहाड़ हरे रंग के ढेर बने आसमान सफेद,नीला हो गया l नदियां लाल मिट्टी का लाल रंग ले, रौद्र रूप धारण कर बहने […]

मानव क्‍यों इतना अन्‍धा है, सब धर्मों के आसन पर ढोंगी पाखण्‍डी रख डाले, देवों के सिंहासन पर l चोर,उचक्‍के,गुण्‍डे सब, धर्मों के ठेकेदार बने जैसे भूखे भेड़िए, बकरी के पहरेदार बने l जैसे कोई डाकू, सत्‍ता को हथियाता है जैसे जिलाधीश को सिपाही आंख दिखाता है l जैसे श्रीराम […]

ज़ख़्मों के उठे दर्द छुपाने नहीं आते। बिन बात यूँ हँसने के बहाने नहीं आते॥ हम जो भी हैं, जैसे भी हैं, है सामने तेरे। चेहरे पे नए चेहरे लगाने नहीं आते॥ हर शाम बिताता हूँ मैं तन्हाइयों के संग। बैठक में मेरे यार पुराने नहीं आते॥ इक बार ले […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।