.   …… देश  धरा  पर  संकट हो तब, रक्षक   वीर  करे   रखवाली। सैनिक के बल सोय रहे सुख, जीम  रहे  हम भोजन थाली। चौकस धीरज रखता सैनिक, शान   सपूत   रहे  वन माली। आन निभा कर मान रखे वह, रीत   शहीद  नई  रच  डाली। .   …… बारिश शीत सहे हिम आतप, […]

जितना मिला मुझसे, सारे दे दो एक चाँद और चंद सितारे दे दो ढाँपा था जिससे तेरे पतझड़ को मुझे वो सब के सब बहारें दे दो खुली छत की वो  गर्मी की रातें एक कंबल में लिपटी जाड़े दे दो वो धूप के लड़ियों की कतारें मुझे काश्मीर की […]

अवसरवादी अगर है उसका भी करो उपकार  कमियों पर उसकी जाओ नही दिल से करो सत्कार बनाया है आपको ईश्वर ने जब काबिल अंधेरा मिटाने को करो उजाले का संचार ध्यान रहे आप निमित्त है करने वाले है भगवान जो भी उनके पथ चला सुख,सम्रद्धि मिली अपार। #श्रीगोपाल नारसन परिचय: गोपाल […]

राधे-राधे बोलिये,राधे में आधार। राधे रूपी जापना,राधे में संसार।। राधे वाणी राखिये,राधे से यशगान। राधे दी है जिंदगी, राधे में बलिदान।। राधे मे है एकता, राधे में घनश्याम। राधे की सारी कृपा,राधे से हर काम।। राधे का सुमिरन करें,राधे बड़ी महान। विपदायें राधे हरे,राधे नहिं अनजान।। #नवीन कुमार भट्ट परिचय […]

आप से दूर हो कर, हम जायेंगे कहा, आप जैसा दोस्त, हम पाएंगे कहा / दिल को कैसे भी, संभाल लेंगे हम, पर आँखों के आंसू ,हम छुपायेंगे कहा // कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते, वो रह गए../ मै सही, तुम गलत, के खेल में, न […]

आज काश्मीर में धोखा, गद्दारी चित्कार !हाहाकार ! सिसकती सभ्यता कराहती हुई संस्कृति कैसी है विडम्बना! कैसे वहां के लोग कभी सेना पर हमला तो कभी पत्थरबाजी कभी दुश्मन की छांव आखिर क्यों ? कौन है तेरा देश कहां तेरा गांव जो देता तुझे छांव घाव देते तुम उसे कुठांव […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।