चलो कुछ पहल करते हैं हसीन कुछ पल करते हैं साथ तुम्हारा हमारा रहे मुश्किलें बड़ी,हल करते हैं हाथ एकदूजे का बटाकर खड़ा कोई महल करते हैं जिंदगी में कुछ उबासी सी है चलो कुछ बदल करते हैं यू गुमसुम होना ठीक नहीं मन अपना जरा चंचल करते हैं लबों […]
काव्यभाषा
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