वैसे तो भारत का प्रधानमंत्री अपने क्षेत्र, ग्राम,नगर, प्रान्त, भाषा, जाति, समाज, कुल, गौत्र, राजनैतिक पार्टी और अन्य तमाम परिचायक बंधनों से मुक्त होता है, ऐसे सभी बंधन जो उसे अन्य से अलग करते करते है या फिर जमात में शामिल करते है। इसीलिए वो भारत के प्रधानमंत्री के तौर […]

ये शाम आज ढलती  मिली है आंधियां कैसी चलती मिली है पानी फिर गया माजरा क्या है उम्मीद भी हाथ मलती मिली है सराहूं भला कैसे उस आदमी को गलतियों पे आखिर गलती मिली है बदले गाँव  सारा बदला  शहर है तस्वीर जमाने की बदलती मिली है आँख  फिर  हमारी  […]

पत्रकारिता अब हो गई सिर्फ कोरा व्यापार गणेशशंकर विद्यार्थी को भूल गए पत्रकार मिशनरी पत्रकारिता भी बीते समय की बात हो गई अब तो मिडिया हाऊस जैसे एक दुकान हो गई किसान मजदूर की पीड़ा नही बन पाती सुर्खियां अभिनेता ने क्या खाया यह खबर खास बन गई। #श्रीगोपाल नारसन […]

सास बहू का रिश्ता क्या होता है, मैं तुम को समझता हूँ। हर घर की कहानी, तुम को में सुनाता हूँ। सुनकर कुछ सोचना, और कुछ समझना। सही बात यदि मैंने कही, तो बता देना मुझे।। सास बहू का रिश्ता बड़ा अजीब होता है। बहू सास को माँ कहे तो […]

अहंकार में अहम का पर्दा नजर नही आता सच का पर्दा विवेक तक यह हर लेता है झूठ में सत्य छिपा देता है अपना ही दुश्मन बन जाता है बस रावण जैसा हो जाता है पर अहंकार जिसने त्याग दिया स्वयं के अहम को मार लिया आत्मबोध उसे हो जाता […]

है अंधा कानून जुल्म वहाँ बहुत होता भ्रष्टाचार बढ़ा हौसला है बुलंद ! ये देखो कानून बना अंधा जुल्म हो रहा सुन लो अब तो जनता की पुकार ! मैं बस कानून चोर यहाँ पहरेदार चीख अहद में सिसकती ही रही ! #अनिता मंदिलवार ‘सपना’ परिचय : अनिता मंदिलवार ‘सपना’ की […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।