तेरी बेरुखी से क्या हो गया। लिखने बैठे प्रेमगीत…2 लिख जाता लोकगीत।। तेरी बेरुखी से…….। समझ नही अब आ रहा मुझको, हो रहा ऐसा क्यों करें क्या हम अब। तुम ही बतला दो…2 मेरी जानेमन। बचा दो मुझे तुम मोहब्बत के चक्कर से।। तेरी बेरुखी से…….।। छोड़ दो मुझे तुम, […]
काव्यभाषा
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