जिंदगी में हमने की बहुत गलतियां। पर मुझे समझ आहि ही नहीं। मांगू माफ़ी मैं कौनसी गलती की। जिस का मुझे पता ही नहीं।। कितनी मुश्किलें हैं मेरे जीवन में। खुद मेरे जीवन को पता नहीं। जिस को मैनें दिल से चाहा । जबकि उसको तो पता ही नहीं।। कब […]
काव्यभाषा
काव्यभाषा
