चाहत चंदा चाँदनी, चातक चलित चकोर। द्रोही तम को चाहते, सर्प निशाचर चोर।। . ✨✨२✨✨ चाहत तुलसी दास की, राम सिया हनुमान। रामचरित मानस रचे, कविता छंद विधान।। . ✨✨३✨✨ चाहत कुंती की भली, दैव कृपा से पूत। सूर्य पुत्र को जन्म दे, पालन हो घर सूत।। . ✨✨४✨✨ चाहत […]
काव्यभाषा
काव्यभाषा
