बीत गई दो अक्टूबर गांधी फिर अप्रासंगिक हो जाएंगे कुछ को गांधी की कमियां कुछ को गोड़से भाएंगे जिनसे मिलती हो वोट वही फार्मूला अपनायेंगे गांधी,शास्त्री का क्या है? किताबो से आये है किताबो में चले जायेंगे जैसे राम को बहकाया है वैसे ही इनको बहकायेंगे बस, कुर्सी सलामत रहे […]

तुमने अभी हठधर्मिता देखी ही कहाँ है अंतर्मन को शून्य करने का व्याकरण मुझे भी आता है अल्पविराम,अर्धविराम,पूर्णविराम की राजनीति मैं भी जानती हूँ यूँ भावनाशून्य आँकलन के सिक्के अब और नहीं चलेंगे स्त्रियों का बाजारवाद अब समझदार हो चुका है खुदरे बाजार से लेकर शेयर मार्किट तक में इनको […]

बापू तेरे तीन बंदर घूम रहे है गली गली। तेरे संदेशों की परिभाषा दुनिंया को वो बतला रहे। पर इस युग मे उन संदेशों का। अब शायद कोई मतलब नही।। बंदर तेरे बोल रहे है, जाकर अब हर गली गली। देखो और सुनो तुम सब, पर किसी को कुछ बोलो […]

गांधी फिर कब आओगे जनमानस के सुप्त पटल से छुद्र स्वार्थ हटाओगे। बापू क्या फिर आओगे।। जाति पाती ही ध्येय बना धर्म के ठेकेदारों का मन्दिर मस्जिद में जूझे जनता खेल वोट बंटवारे का सत्य अहिंसा नारे बन गए जनता को भरमाने का।। बढ़ती पशुता नग्नता सी कैसी वैचारिक विषमता […]

स्वच्छ भारत बनाना हैं राष्ट्रपिता बापू ने दिया मंत्र स्वच्छता ही सेवा हमको अब अपनाना है ।। कुछ करके दिखाना हैं अब नारा नही लगाना । बापू ने देखा था सपना स्वच्छ भारत बनाना हैं ।। यमुना,गोदावरी ,कावेरी सरस्वती,गंगा और रेवा । रहें निर्मल,स्वच्छ नदियां सच हैं स्वच्छता ही सेवा […]

नई स्कूटी लेकर आया राजू भालू, उसका दोस्त चिम्पू बंदर है बहुत चालू। मीठी बातो से राजू को बहकाता, रोज उसकी स्कूटी मजे से चलाता।। एक दिन चिम्पू का चौराहे पर कटा चालान, बिन हैलमेट पहने स्कूटी चलाता सीना तान, करी बहुत मिन्नते मिट्ठू तोता हवलदार की, पर फिर भी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।