उम्मीदों की चादर में कई सपने दफ्न हो गए। जिन वृक्षो से की थी छाया की उम्मीदे,वो छाया पतझड़ आने पर खुद ही कहीं गायब हो गयी।। जीवन के गुजरते पलो में अक्सर ऐसा हुआ। शुखे मुरझाये वृक्षो से भी कई बार ठंडी हवाओं का अनुभव हुआ , शायद गिर […]

गांघी जी ने सन 1936 में स्वाधीनता की अलख जगाई थी वर्धा में रहकर गांधी जी ने राष्ट्रभक्ति की कसम खिलाई थी उन्ही के प्रयासों से वर्धा में हिंदी आंदोलन खड़ा हुआ उन्ही के नाम से वर्धा में हिंदी विश्विद्यालय स्थापन हुआ यहां की मिटटी की कण कण में महात्मा […]

गगनांगना छंद विधान मापनी मुक्त सम मात्रिक छंद है यह। १६,९ मात्रा पर यति अनिवार्य चरणांत २१२ दो चरण सम तुकांत,चार चरण का छंद {सुविधा हेतु चौपाई+नौ मात्रा(तुकांत२१२)} . शरद पूनम . 🌕 सागर मंथन अमरित पाकर,विषघट त्यागते। अमर हुये सब देव दिवाकर, शिव घट धारते। सूरज देता दिवस उजाला, […]

हाँ बेटा मेरी मृत्यु पर तुम भी एक मृत्यु भोज कराना। सड़क पर कचरे से भूख मिटाती गइया है न उसे भर पेट हरा चारा खिलाना फिर जीभर शीतल जल पिलाना और देखो !सड़क पर जो आवारा से घूमते श्वान दिखे तो उन्हें भरपेट भोजन कराना हाँ एक काम जरूर […]

अखबार में खबर छपी है, स्मार्ट शहर में नाव चली है, मां दुर्गा भी बचा नहीं पायीं, डूबी पटना की गली-गली है. (2) घर-परिवार बिछड़ गयें हैं, बच्चें-बूढें सब बिलख रहें हैं, बादल का कलेजा फटा ऐसा, तिनके-सा सब बिखर गयें हैं. (3) करोड़ों का पंडाल सजा है, लाखों पेट […]

बापू की धरती वर्धा में हिंदी समागम हो रहा विक्रमशिला विद्यापीठ का 50 वां अधिवेशन हो रहा देश के कोने कोने से सरस्वती की संतानें आई है रचनाधर्म निभाया जिन्होंने वे सम्मान पाने यहां आई है गांधी जी स्वयं हिंदी भाषा के बड़े पैरोकार कहे जाते थे बापू कुटी में […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।