रो पड़ता हूं जब पढ़ता हूं अख़बारों को। रों पड़ता हूं मै,जब पढ़ता हूं अख़बारों को। कहां छिपे है ये नेता,पूछता हूं इन दीवारों से।। दीवारें भी गुमसुम खड़ी है,कुछ न बोल पाती है। देख कर घर के दृश्यों को,वे भी आंसू बहाती है।। घर घर शोक दिवस है,मृत्यु ने […]

बहने लगे जब चक्षुओं से किसी पिता के अश्रु अकारण समझ लो शैल संतापों का बना है नयननीर करके रूपांतरण पुकार रहे व्याकुल होकर रो रहा तात का अंतःकरण सुन सकोगे ना श्रुतिपटों से हिय से तुम करो श्रवण अंधियारा कर रहे जीवन में जिनको समझा था किरण स्पर्श करते […]

घर का मिजाज कुछ बदला बदला सा, नजर आ रहा है। मानो घर में कोई, तूफान सा छा रहा है। यह मुझे घर का माहौल बता रहा है। और प्रिये तेरी नजरो में, मुझे नजर आ रहा है। लगता है पूरी रात, तुम सोये नही हो। तभी तो चेहरा मुरझाया […]

समय की रेत पर फिसल गयी जिंदगी। देखते ही देखते में ढल गयी जिंदगी।। करवटें बदल-बदल सोया निशदिन, अंत में करवट बदल गयी जिंदगी।। दुल्हन जस सजाकर रखा था इसे, हाथों से यूं ही निकल गयी जिंदगी।। हवा से बचा कर रखा था सुरक्षित , रखे-रखे बर्फ जस गल गयी […]

अच्छे दिन की बातें करके सत्ता पाकर, मद में सब नेता सत्ताधारी गर्वित हैं। जनता को अब कौन पूछता है फुसलाकर। केसरिया रँग को धारे बनते धर्मित हैं। कमर तोड़ती मँहगाई जनता पर भारी। चीख पुकार रही है जनता।नहीं सहारा दिया किसी ने।रोक नहीं कोई सरकारी। पाई पाई को तरस […]

विन्रमता का स्वभाव रखिए अहंकार को त्यागकर रखिए व्यक्तित्व खुद निखर जाएगा यश,कीर्ति बल आ जाएगा झुकने से ही बड़ा बनता है झुकने वाला ही निखरता है जो झुके नही अभिमानी है देहभान में वह अज्ञानी है निरहंकार में रहकर तो देखो दुसरो के आगे झुककर देखो आप ही श्रेष्ठ […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।