कहाँ गया हिंदुस्तान अपना ? ढूंढ रहा हूँ मुकाम अपना । जाति-धर्म पर कोई बांटे हमको, अपने -अपने हद में धुसते ही डाँटें हमको, किसी का नारा “मुम्बई हमची” , कोई कहे गुजरात अपना । कहाँ गया हिंदुस्तान अपना ? ढूंढ रहा हूँ मुकाम अपना । कोई कहे यू पी […]
रात बढ़ती जाती है, काली परछाई की तरह,, देह रौंदी जाती है कुम्हराई मिट्टी की तरह,, सजे बदन, सवंरे नयन बाट जोहते तलबगार की,, वेश्यालय की ये कहानी है हर एक किरदार की,, पूरी देह पर भारी बस एक खाली पेट हो जाता है,, कोई बोटी का लुटेरा जब दो […]
किसी हाल में न ज़ुल्म से डर जाना चाहिए जी न सको इज्ज़त से तो मर जाना चाहिए ========================== गर चाहते हो याद करें लोग तुम्हें भी जिसका भी हो सके भला कर जाना चाहिए ========================== महफूज़ रहना है तो बनो भीड़ का हिस्सा जिधर की हो हवा बस उधर […]
घर मे रहकर भी सन्त जीवन जी सकता है पूरा परिवार सन्तो जैसा हो सबका आचरण शांति,धैर्य हो सुख का आधार चेहरे पर किसी के तनाव न हो मन में बैर वैमनस्य भाव न हो खुशिया मिले सबको अपार सफलता आती सच में द्वार बस इसके लिए एक ही है […]
लूट के ले गया वो ही शख्स मेरा कारवाँ। शख्स वो जो कभी, रहा था मेरा हमनवाँ। चुप रहने की मुझे तालीम अब देता है वो शख्स वो जो कभी, रहा था मेरा हमजुबाँ। नवाजिशे,भूलने की इनायत कर रहा है अब शख्स वो जो कभी ,रहा था मेरा मेहरबाँ। अपने […]
जब एक बच्चा रंग और कागज पहली बार पकड़ता है और कोई चित्र उकेरता है तब पहले पहल वो एक झोपड़ी ,नदी ,पहाड़ ,पेड़ ,चिड़िया बनाता है ।इसका मतलब है यह उसके और हमारे जन्म के साथी हैं। कितना सुंदर और प्यारा लगता है उसका बनाना। इन सभी से हम […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।