कृत्रिम चंद्र परिकल्पना, चलती देश विदेश। बच्चों की प्रतिभा सुनो, होती खूब विशेष।। . चन्दा तू मत सोचियो,केवल तेरो राज। चार दिना की चाँदनी, देय हमारे काज।। . मानवता के पूत हम, करें नित नई खोज। तेरी क्यूँ मर्जी सहें, करे अमावस दोज।। . मानव ने दीपक जला , मेटा […]
