जब-जब लौटता हूँ अतीत में यही पाता हूँ कि पहले और अब में बहुत बड़ा फर्क है उतना ही कि जितना निष्कलुष बचपन और स्वार्थ भरी जवानी में वात्सल्य और…
Continue Reading