जो जल गतिशील रहता पवित्र उसे ही जानिए जो मनुष्य सद्कर्म करता देवता उसे ही मानिए बाल रूप मे राधा कृष्ण सतयुग मे ही आते सोलह कलाए धारण कर लक्ष्मी नारायण बन जाते कलियुग के कालेपन ने कृष्ण को भी बनाया सांवरा पतित से पावन बन जाने पर स्वर्ग बन […]

परमात्म चिंतन की पढ़ाई नियमित करते रहो सब भाई रूठना नही कभी किसी से नुकसान अपना ही होता भाई सद्व्यवहार ही अपना आभूषण चेहरे से दिखाई दे सदलक्षण जो आज्ञाकारी होते पिता के दुआये मिलती उन्हें ही हर क्षण परमात्मा की अनूठी भारत धरा भारत मे ही आते परमात्म सदा […]

स्वपरिवर्तन करने से विश्व परिवर्तन हो जायेगा देह अभिमान त्यागने से देही सोमान हो जायेगा समय,संकल्प,बोल को व्यर्थं से समर्थ मे बदल डालो जो ऊर्जा बची है आत्मा मे सेवा उसी से कर डालो विक्रम इसी से खत्म होंगे सद्कर्मो की बहेगी ब्यार कलियुग यूं ही मिट जायेगा सतयुग की […]

ओम नमः शिवाय मन्त्र सर्व सिद्धि का यह यन्त्र पिताव्रता का पाठ पढ़ाता निश्चय बुद्धि हमे बनाता ब्रह्मा,विष्णु,महेश रचियता गॉड फादर वह कहलाता है ज्ञान रत्नों का है वह सागर सर्वगुण सम्पन्न बनाता है याद मे रहता जो भी उसके हर लेता विकार वह उसके देवता समान हो जाता है […]

लोकतंत्र तो नाम का रह गया है श्रीमान कोई भी चुनाव सस्ता नही आम आदमी परेशान जिसके पास धन दौलत वही लड़ सकता है चुनाव गरीब की तो बीच रास्ते डूब जाती है चुनावी नाँव पंचायत से लेकर संसद तक धनाढ्य ही चुनकर जाते जिनके पास नही है पैसा वही […]

इस धरा पर एक वीरांगना पैदा हुई थी भारत में मातृभूमि की आजादी को कूद पड़ी थी बचपन मे राजनीति मिली विरासत नेहरू से ट्रेनिंग पाई देश की प्रधानमंत्री बन दुनिया मे शोहरत पाई देशभक्ति की मिशाल बनी वह बंगलादेश की जननी बनी वह बीस सूत्रीय विकास किया भारत का […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।