अनुपम धवल पूर्ण चंद्रमा पुलकित हर्षित है सृष्टि शीतल चाँदनी संग हो रही दुर्लभ अमृत रस की वृष्टि शरद ऋतु की  है सौगात शरद पूर्णिमा की ये रात अद्भुत छटा बिखर रही है स्वर्ग सी लगे कायनात । तरू लताएँ भी हर्षाईं धरा गगन देख मुस्काई चाँदनी संग भेजा संदेसा […]

कोयला कितना भी उजला दिखा ले, पर मन का काला तो काला ही दिखेगा, मकड़े का काम है  बुनना जाला, वो  तो  हमेशा जाला  ही  बुनेगा, गिरगिट से ना उम्मीद करना शरिफी कि, बात बात में ये नित नए रूप दिखलायेगा। दोमुहे साँपो का कभी भी विश्वास ना करना। आस्तीन […]

मंजर  मुझे भी  भाने लगा है कोई चेहरा याद आने लगा है आसमां में चाँद खूबसूरत लगे  भौरा कोई   इतराने  लगा  है शरदपूर्णिमा झूम कर आ  गई मस्ती में गीत कोई गाने लगा है सुहाना है मौसम हसीन वादियां दरिया किनारे कोई बुलाने लगा है रात हो  ही गई खिल […]

तारीखों पे लिखें जो कोई नज़्म,तो काफि बातें याद आती हैं। कहीं ख़ुशी तो कहीं गम भरी तारीखें याद आती हैं। खुशी की हो या हो गम की,तारीख़ तो निकल जाती है। नई तारीख़ के साथ नई सुबह, सूरज की किरणों संग हमारे द्वारे दस्तक दे जाती है। फिर एक […]

धरती के कण कण  में जिसका आभास है।  ये ही महारास  हैं । अंतर्मन में का वास है , उससे मिलन , ये ही महारास है।  धरती से अंबर तक , देखो हो रही । अमृत की बरसात है । ये ही महारास है । राधे का श्याम से , […]

स्कूल की जब होती छुट्टी ऐसा लगता मानों बगीचे में उड़ रही हो रंग -बिरंगी तितलियाँ  । तुतलाहट भरी मीठी बोली से पुकारती अपने पापा को पापा … इतनी सारी नन्ही रंग -बिरंगी तितलियों में मुझे ढुंढने लग जाती पिता की आंखे । मिलने पर उठा लेते मुझकों वे गोद […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।