हरितालिकातीज

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nisha raval
आज तीज की शुभ घड़ी आयी,
चाँद ने की किरणों से सगाई…!
ब्रम्हमुहूर्त ने मंगल गीत गाये,
गोधूलि बेला ने दी है विदाई….!
मेहन्दी रचाऊँ इन हाँथो में,
पिया के प्रेम की खुशबू आये…!
महावर लगाऊं मैं पैरों में,
सजना तू ही धड़कन में समाए…!
बिंदिया सजाऊँ मांग में,
तू ही पिया अब मेरा भाग्य…!
लाली लगाऊं इन अधरों में,
तेरा सँग मेरा सौभाग्य…!
अँखियन में मेरे तू ही बसा,
तुझको छुपा मैं कजरा लगाऊं…!
हमारे प्रेम को नजर न लगे,
दुनिया की सारी बला से बचाऊं…!
कानों में झुमका पहनकर,
तेरी ही मीठी बतियाँ सुनु मैं….!
हृदय की तड़पन तू ही समझे,
मन का भेद किससे कहूँ मैं…!
गले मे पहन तेरी बाहों का हार,
सजना तेरे आलिंगन को तरसू….!
एक नजर बस मुझपर डाल,
देख तुझपर मैं मेघ सी बरसूं….!
मेरे इन हाँथो की चूड़ियां खनकर,
तेरे हरपल होने का एहसास दिलाये…!
मेरे माथे के सिन्दूर का समर्पण,
ये उलझी लटे सिर्फ तुझे रिझाये….!
पैरों में पाजेब पहनकर,
तेरे घर को गुलजार करू मैं….!
तू सलामत रहे हमेशा,
ईश्वर से ये ही अर्जी करूँ मैं….!!
#निशारावल
     छत्तीसगढ़

matruadmin

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।