1.सूरज कब, उदित होगा देखो, तुम ही जरा। 2.रोशनी ढूंढो, नयनों को तो खोलो, मैं देखूं जरा। 3.वर्षा ॠतु है, देखो बाढ़ आ गयी, फसलें गयी। 4.किसान रोया, सब खतम हुआ, मैंने हंसाया। 5.एकाकीपन, जो काटना होता है, खूब कठिन। श्रीमती प्रेम मंगल इन्दौर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मातृभाषा उन्नयन संस्थान […]

नशा जो किया फिरे भीख मांगता घर बर्वाद | रिश्वतखोरी भरे घड़ा पाप का ड़र काल से | मारे उबाल भारत में अब भी व्यक्ति की जात | वो जी रहे हैं शोषण सहकर भूख मारके | कैसा विकास गरीब हाशिए पे गाँव निराश | नोट खाकर श्रीमान् मालामाल जन […]

बन प्रणेता                   भरा मानस मानस रचकर               दिलाये पहचान दिया आधार।१               तुलसी ज्ञान।२ ममत्व भरा                   दिये तुलसी सिखलाये मर्यादा।           मार्गदर्शिका बन मानस शब्द।३             तपस्या फल।४ मिले निदान                   मानस धार हरिशरण पथ                हरता है चिंतन मानस पाठ।५             शब्दों में सार।६ जगत गान                          महान कवि करता निरंतर                      छोडकर निकले मानस पाठ।७                     अमिट छाप।८ […]

(1)ज्ञान के रंग      जीवन में भरते        गुरु व संत (2)धन का रंग      भरी दीनों की झोली       कान्हा की होली (3)भोर उड़ाए      सतरंगी गुलाल      आसमां लाल (4)सांझ के गाल       जाते जाते भी किए   […]

(1)रहेंगे साथ      बिछड़े पति-पत्नी      हुआ फैसला (2)फैसला आज      करना है समाप्त      आतंकवाद (3)है हरबार      फैसला दरकार      कोई भी वाद (4)राम मंदिर      कब तक फैसला      करेगा तंत्र (5)न्याय प्रक्रिया      बहुत लम्बा वक्त   […]

होली के रंग एकता का प्रतीक हमें सिखाये।। होली रंगीन खुशियाँ बटोरती राह दिखाये।। रंग बिरंग गहरी परिभाषा स्नेह मिलाये।। अनेक रंग मिलकर बढ़ाती रश्में निभाये।। #नवीन कुमार भट्ट परिचय : पूरा नाम-नवीन कुमारभट्ट उपनाम- “नीर” वर्तमान पता-ग्राम मझगवाँ पो.सरसवाही जिला-उमरिया राज्य- मध्यप्रदेश  विधा-हिंदी Post Views: 460

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।