चिरंजीवी शिवांश भक्तवत्सल भगवान आञ्जनेया महावीर महातपस्वी बलवान कपीश्वर महाकाय दैत्यकार्य विघातक रामदूत बजरंगी दशग्रीव कुलान्तक परविद्या परिहार सिंहिकाप्राण भंजन परशौर्य विनाशन महारावण मर्धन लंकापुर विदायक सीतान्वेषण पंडित सर्वमाया विभंजन केसरीसुत सुरार्चित सीताशोक निवारक कुमार ब्रह्मचारी संकटमोचन महाबली भक्त हितकारी मानव मूढमति समझकर कृपानिधान करो कल्याण बजरंगबली हनुमान ✍️ आलोक […]

कभी उन्होंने देखा ही नही, मुझे उस नजर से। जिसकी मैं उनसे, चाहत रखती हूँ। हूँ खूबसूरत तो क्या, जब उनकी निगाहें। मुझे पर ठहरती नहीं। तो क्या जरूरत ऐसे, रूप और यौवन का ? चंदन सा सुगन्धित मेरा वदन। उनको पास न लपता है। और न ही उनके दिलमें, […]

करे उन पशु पक्षियों का ध्यान,जो भूख से बिलख रहे | यही मानवता का धर्म है,हम इस पर सब अडिग रहे || “जियो और जीनो दो ” यही तो मानवता का धर्म है | हिंसा करना जीवो की,यह तो मानवता का अधर्म है || आया है धर्म संकट,इन परिस्थितयो मानव […]

नारी तुम  शक्ति  हो, हर दुख को अपने में समाही हो। मान हो,अभिमान हो तुम  देश की शान हो। छूकर आसमाँ करती, सबके मन को बलवान हो। प्रकाश पुंज बन देती सबको पहचान हो।तारों का ताज सजे, ऐसी तुम महिमावान हो। टूटे मन को सहलाती, उम्मीद का तुम चांद हो।  देश की धड़कन का […]

प्रतिदिन जिस भाव को जीती हूं ,सोचती हूं क्या हि अच्छा होता जो यूंही इस समय चक्र से कहीं दूर उस समय चक्र को बांध कर जी लिया होता , कितनी ही अबोली बातों को यूंही उस कालबंध से इस काल तक., ला न सकी होती और तुम्हारा मेरी बातों […]

आज की दुनिया व्हाट्सएप की दुनिया हैं। हर चीज व्हाट्सएप पर उपलब्ध होनी चाहिए। कोई भी काम पड़ता है तो तुरंत व्हाट्सएप को याद किया जाता है। आज व्हाट्सएप भगवान के बराबर है। कई लोगों की तो जिंदगी ही बदल गई। कई लोगों को बहुत कुछ सीखने को मिला। कई […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।